ख़ज़ाना

कहतें हैं कि इस दुनिया में
ख़ज़ाना असीम है
बावरी हूँ मैं 
जो इसे ढूँढने चली 
लाखों दिल टटोले 
लाखों से बात की 
पर मिला जो मुझको 
तो सिर्फ़ बेचारी, बेक़सी और तन्हाई 
जो ख़ज़ाना है ज़िंदगी का
ख़ुशी, सब्र और इल्म 
ये कहीं भी ना मिला 
ए दोस्त ग़र तुम्हें 
ये ख़ज़ाना कहीं मिले 
तो पता देना ज़रूर मुझको भी
कि इक बूँद ख़ज़ाने की 
मुझको भी दरकार है |

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