रूह

रुस्वा हुए जो हम तो 

ये दिल भर गया 

तेरी गली में गए हम 

तो ये पाँव थम गए 

तेरी यादें मुझसे 

भुलाई नहीं जातीं 

तेरी पलकों की छाँव मुझसे

छोड़ी नहीं जाती 

कौन कहता है कि हम

तनहा ही जीते हैं 

कोई मेरी रूह में तो झांके

बाख़ुदा तेरी रूह मिल जाए|

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